सुप्रीम कोर्ट पंहुचा CAA का मामला

सुप्रीम कोर्ट पंहुचा CAA का मामला


सुप्रीम कोर्ट के वकील भानु प्रताप का कहना हे केंद्र सरकार ने नागरिकता क़ानून में सर्कार ने कहीं भी धार्मिक आधार पर कही भी भेदभाव की बात नही की माननीय सुप्रीम कोर्ट के वकीलों का मानना हे की यदि ऐसा  हे तो सरकार को जो कानून संसद में पास करवाया है 
     उसमे इस बात का स्पष्ट रूप से ज़िक्र करना चाहिए था उन्होंने बताया की सरकार देश की जनता से झूट बोल रही हे अगर ऐसी कोई बात है तो सरकर ने इस मामले में कानून को बनाते समय इस बात की पुष्टि लिखित रूप से क्यों  नहीं दी  हे 
      उन्होंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे सीधे आरोप लगती हुए कहा है की प्रधान मंत्री ने देश की जनता झूठ बोला है उन्होंने बताया की प्रधान मंत्री एवं गृह मंत्री दोनों ही देश की जनता से झूठ बुल रहे हैं उन्होंने सीधा सीधा निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह दोनों ने हमेशा देश जनता को आपस में लड़वाने का काम किय हैइन्होने हमेशा देश को बाटने भेदभाव फैलाने की राजनीती की है

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क्या CAA कानून वापस  लेगी सरकार


उनका कहना है कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह दोनों ने ही अपनी चुनावी रैलियों में कहा है कि CAA अफगानिस्तान पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशो में हिन्दू सिक्खों पारसी और बौद्ध धर्म के लोगो पर होने वाले अत्याचारों से बचने के लिए बनाया गया एक कानून हे जिसमे ऐसे प्रताड़ना झेल रहे लोगो को भारत में लाकर उन्हें नागरिकता देने के लिए बनाया गया है जबकि सुप्रीम कोर्ट के वक़ील ने उन पर हमला बोलते हुए कहा है कि CAA कानून जो पास हुआ है उसमे विदेशी नागरिकों पर अत्याचार होने की बात कहीं भी नहीं कही गयी है

गौरतलव है कि सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने CAAकानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से अपील की गयी हे और कहा गया हे की सरकार इस कानून को वापस ले एवं ऐसे कानून से देश को नुकसान होने की अलावा कुछ नहीं होने वाला इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट के वकीलो ने सरकार के इस झूठ का पर्दाफाश किया है

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